GOBARdhan Yojana 2026: अगर आप बायोगैस या कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाने की सोच रहे हैं, तो सरकार की गोबरधन योजना आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गोबर, कृषि अवशेष, खाद्य कचरे और दूसरे जैविक कचरे का इस्तेमाल करके CBG और जैविक खाद बनाने वाली परियोजनाओं को बढ़ावा देना है। योजना के तहत पात्र CBG परियोजनाओं को पूंजीगत सहायता मिल सकती है। इसके साथ ही उत्पादित गैस की सुनिश्चित खरीद और तय कीमत की व्यवस्था भी की गई है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक के लिए योजना का नया ढांचा लागू किया है। नए ढांचे के तहत CBG परियोजनाओं के लिए छह प्रमुख सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है। इनमें CBG की सुनिश्चित खरीद, कीमत तय करने की व्यवस्था, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन की सुविधा, ऋण गारंटी सहायता और CBG इकोसिस्टम चैलेंज फंड शामिल हैं।
गोबरधन योजना का उद्देश्य देश में CBG का उत्पादन बढ़ाना, इसके लिए बेहतर बाजार तैयार करना और निजी निवेश को बढ़ावा देना है। गोबरधन का पूरा नाम ‘गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन’ है। इस योजना के जरिए पशुओं के गोबर, खेती से निकलने वाले अवशेष, खाद्य कचरे और अन्य जैविक कचरे से बायोगैस, CBG और जैविक खाद तैयार करने को प्रोत्साहित किया जाता है। आज के इस आर्टिकल में इस भर्ती से संबंधित सभी जरूरी और महत्वपूर्ण जानकारियाँ जैसे आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, आयु सीमा तथा अन्य सभी प्रकार की जानकारियां शामिल हैं।
GOBARdhan Yojana 2026: Overview
| Name Of The Scheme | GOBARdhan Scheme |
| Government | Central Government |
| Ministery | पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय |
| Objective | गोबर और जैविक कचरे से बायोगैस, CBG और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाना |
| Financial Year | वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक |
| Facilities | पाइपलाइन ढांचा, ऋण गारंटी सहायता और CBG इकोसिस्टम चैलेंज फंड |
| Benefits | अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक की पूंजी सहायता मिल सकती है |
| Beneficiary | किसान, ग्रामीण उद्यमी, MSME और CBG व जैविक कचरे से जुड़े कारोबार करने वाले लोग |
| BudgetFor This Scheme | सरकार ने इस योजना के लिए 23,731 करोड़ का प्रवधान |
GOBARdhan Yojana 2026: Financial Assistance
GOBARdhan Yojana 2026 के तहत CBG प्लांट लगाने या मौजूदा प्लांट को अपग्रेड करने वालों को पूंजीगत सहायता दी जा सकती है। सहायता की राशि परियोजना के प्रकार और उसकी क्षमता के आधार पर तय होगी। आसान भाषा में इसके प्रमुख प्रावधान इस तरह हैं:
- पात्र CBG (Compressed Bio-Gas) परियोजनाओं को अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सहायता मिल सकती है।
- नए यानी ग्रीनफील्ड प्लांट के लिए पात्र CBG क्षमता के आधार पर 1.25 करोड़ रुपये प्रति TPD (Tonnes Per Day) तक सहायता मिल सकती है।
- ब्राउनफील्ड परियोजनाओं में अतिरिक्त CBG क्षमता बढ़ाने पर ग्रीनफील्ड परियोजना की दर की 50% तक सहायता दी जा सकती है।
- मौजूदा बायोगैस प्लांट को CBG उत्पादन के लिए अपग्रेड करने पर 0.60 करोड़ रुपये प्रति TPD तक सहायता का प्रावधान है।
- फीडस्टॉक कलेक्शन और जैविक खाद से जुड़ी मशीनरी पर पात्र खर्च का 50% तक सहायता मिल सकती है। इसकी अधिकतम सीमा 0.75 करोड़ रुपये प्रति TPD है।
GOBARdhan Yojana 2026: Objective
GOBARdhan Yojana 2026 के तहत जैविक कचरे का इस्तेमाल करके बायोगैस, CBG और जैविक खाद तैयार की जाती है। नई व्यवस्था में CBG प्लांट लगाने वालों के लिए गैस की बिक्री और कीमत को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं।
- सरकार ने गोबरधन योजना के लिए 23,731 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
- पात्र CBG उत्पादक बिक्री के लिए उपलब्ध अपनी 100% तक CBG की मात्रा की सुनिश्चित खरीद का विकल्प चुन सकते हैं।
- तय कीमत को कम से कम 31 मार्च 2036 तक लागू रखने का प्रावधान है।
- योजना के तहत गोबर, कृषि अवशेष, खाद्य कचरे और दूसरे जैविक कचरे से बायोगैस, CBG और जैविक खाद बनाई जाती है।
- सरकार ने 95% मीथेन कंटेंट के आधार पर CBG की कीमत करीब 98 रुपये प्रति किलोग्राम तय की है।
- इन प्रावधानों से CBG प्लांट लगाने वालों को गैस की बिक्री और संभावित कमाई को लेकर ज्यादा स्पष्टता मिल सकती है।
GOBARdhan Yojana 2026: Benefits
GOBARdhan Yojana 2026 से किसानों, ग्रामीण लोगों, CBG उत्पादकों और पर्यावरण को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। इस योजना के जरिए कचरे का सही इस्तेमाल करने के साथ-साथ गांवों में रोजगार और आय के नए अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
- पशुओं का गोबर और कृषि अवशेष बेचकर किसान अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।
- गोबर और जैविक कचरे के कलेक्शन, ढुलाई और सप्लाई से गांवों में कमाई के नए अवसर बन सकते हैं।
- बायोगैस और CBG प्लांट लगाने वाले पात्र निवेशकों को पूंजीगत सहायता मिल सकती है।
- CBG उत्पादकों को लंबे समय के लिए मूल्य समर्थन मिलने से बिक्री और आय की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
- प्लांट से तैयार FOM/LFOM जैसी जैविक खाद का इस्तेमाल खेतों में किया जा सकता है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
- जैविक कचरे के सही इस्तेमाल से कचरा खुले में पड़े रहने और उससे होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है।
- जैविक कचरे से बायोगैस और CBG बनाने से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिल सकती है।
GOBARdhan Yojana 2026: Required Documents
GOBARdhan Yojana 2026 के तहत CBG या बायोगैस प्लांट लगाने के लिए आवेदक को परियोजना और संस्था से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने पड़ सकते हैं। जिसकी जानकारी निम्नलिखित दी गई है।
- कंपनी या फर्म का पंजीकरण प्रमाण पत्र
- पैन कार्ड
- जीएसटी पंजीकरण प्रमाण पत्र
- भूमि के कागजात या लीज एग्रीमेंट
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)
- बैंक खाता और सॉल्वेंसी प्रमाण पत्र
- FCO Compliance Certificate
- MSME/उद्यम पंजीकरण
- टेक्नोलॉजी प्रदाता के साथ समझौता (प्लांट में इस्तेमाल होने वाली तकनीक का विवरण और सत्यापन)
- पर्यावरण संबंधी मंजूरी
- अन्य जरूरी सरकारी मंजूरी और प्रमाण पत्र (परियोजना के आकार और गतिविधि के अनुसार Regulatory Compliance के लिए)
GOBARdhan Yojana 2026: How To Apply
GOBARdhan Yojana 2026 के लिए आवेदन करते समय संस्था और प्लांट से जुड़ी जरूरी जानकारी और दस्तावेज देने होते हैं।
- सबसे पहले gobardhan.sbm.gov.in पोर्टल पर जाएं। इसी पोर्टल के जरिए बायोगैस और CBG प्लांट का पंजीकरण किया जाता है।
- संस्था का प्रकार, पता, संपर्क व्यक्ति और व्यवसाय से जुड़े पंजीकरण प्रमाण जैसी जरूरी जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करें।
- प्लांट में इस्तेमाल होने वाले फीडस्टॉक का प्रकार और स्रोत, प्लांट की क्षमता, इस्तेमाल होने वाली तकनीक और प्लांट के स्थान की पूरी जानकारी दें। CBG प्लांट के लिए क्षमता TPD और बायोगैस प्लांट के लिए घन मीटर प्रति दिन में दर्ज की जाती है।
- MDA का लाभ लेने के लिए संस्था के पंजीकरण दस्तावेज, जमीन के कागजात या लीज एग्रीमेंट, परियोजना रिपोर्ट, तकनीक से जुड़ी जानकारी और FCO मानकों के अनुसार जैविक खाद उत्पादन का प्रमाण देना पड़ सकता है।
- रजिस्ट्रेशन के बाद प्लांट और दी गई जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
- प्लांट के पंजीकरण और सत्यापन के बाद, पात्रता के अनुसार MDA और पूंजीगत सहायता के लिए संबंधित मंत्रालय/विभाग के माध्यम से अलग से आवेदन करना होगा।
Important Link
| Apply Link | Click Here |
| Official Website | Click Here |
Conclusion
गोबरधन योजना देश में गोबर, कृषि अवशेष और जैविक कचरे के सही इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाली पहल है। इसके जरिए बायोगैस, CBG और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है। अगर आप CBG या बायोगैस प्लांट शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और संबंधित विभाग के मौजूदा नियमों की जानकारी जरूर जांच लें।
आशा है कि आपको ये जानकारी अच्छी लगी। अपने दोस्तों के साथ इस जानकारी को आगे साँझा जरुर करें।
FAQ’s
Q1). GOBARdhan Yojana 2026 क्या है?
Ans: गोबरधन योजना के तहत गोबर, कृषि अवशेष, खाद्य कचरे और दूसरे जैविक कचरे से बायोगैस, CBG और जैविक खाद बनाने को बढ़ावा दिया जाता है।
Q2). इस योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
Ans: इस योजना से किसानों, ग्रामीण उद्यमियों, MSME, CBG उत्पादकों और जैविक कचरे से जुड़े कारोबारियों को लाभ मिल सकता है।
Q3). नए CBG प्लांट के लिए कितनी सहायता मिल सकती है?
Ans: ग्रीनफील्ड CBG प्लांट के लिए पात्र क्षमता के आधार पर 1.25 करोड़ रुपये प्रति TPD तक सहायता का प्रावधान है।
Q4). GOBARdhan Yojana 2026 के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं?
Ans: कंपनी/फर्म का पंजीकरण प्रमाण पत्र, पैन, GST, जमीन के कागजात या लीज एग्रीमेंट, परियोजना रिपोर्ट, तकनीकी जानकारी और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र मांगे जा सकते हैं।
Q5). CBG की सुनिश्चित खरीद का क्या प्रावधान है?
Ans: पात्र CBG उत्पादक बिक्री के लिए उपलब्ध CBG की 100% तक सुनिश्चित खरीद का विकल्प चुन सकते हैं।









